अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण

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  अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण मानस दर्पण देख, दोष-गुण स्वयं निहारें। अपने को पहचान, आप ही आप सुधारें।। अवधेश कुमार "अवध" दर्पण का इतिहास काफ़ी पुराना है।दर्पण पारंपरिक रूप से कांच का उपयोग करके बनाए जाते हैं, लेकिन वे कांच से भी लंबे समय से मौजूद हैं। पहले साधारण दर्पण लगभग 600 ईसा पूर्व पॉलिश किए गए ओब्सीडियन से बनाए गए थे। मेसोपोटामिया और मिस्र में 4000 से 3000 ईसा पूर्व के आस-पास तांबे को पॉलिश करके शीशे बनाए गए थे। विरूपण मुक्त छवियाँ बनाने के लिए धातु के दर्पण बनाने की कला पुरानी दुनिया के विभिन्न भागों में लंबे समय से प्रचलित है। 1400 ईसा पूर्व तक, टिन में 30 वज़न प्रतिशत तक युक्त कांस्य का उपयोग दर्पण बनाने के लिए किया जाता था।हमारे भारत में भी तांबे-टिन कांस्य को ढालकर और पॉलिश करके धातु के दर्पण बनाने की कला को अच्छी तरह से समझा जाता था और ये दर्पण अपनी स्पष्टता के लिए बहुत लोकप्रिय थे।ऋग्वेद सहित कई पुराणों में धातु के दर्पण का उल्लेख किया गया है। यहां तक ​​कि कजुराहो की नक्काशी...

Global Innovation Index 2023 India rank in hindi

 ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2023 में भारत 40 वीं स्थान पर


                     




ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स अर्थात वैश्विक नवाचार सूचकांक प्रति वर्ष की जाने वाली एक रैंकिंग है जो विश्व के विभिन्न देशों में नवाचार की क्षमता को इंगित करती है। यह किसी अर्थव्यवस्था के नवाचार प्रदर्शन को मापने के लिए एक संदर्भ प्रदान करता है।नवाचार का अर्थ किसी उत्पाद,प्रक्रिया या सेवा में थोड़ा या बहुत बड़ा परिवर्तन लाना है।नवाचार के अन्तर्गत कुछ नया और उपयोगी तरीका अपनाया जाता है, जैसे- नयी विधि, नयी तकनीक, नयी कार्य-पद्धति, नयी सेवा, नया उत्पाद आदि।





ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स जेनेवा स्थित विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) द्वारा प्रकाशित नवाचार में उनकी क्षमता और सफलता के आधार पर देशों की वार्षिक रैंकिंग है। इसकी शुरुआत 2007 में एक ब्रिटिश पत्रिका इनसियाड(INSEAD)और वर्ल्ड विजनेस(World Business)द्वारा की गई थी।




हाल ही में विश्व बौद्धिक संपदा संगठन द्वारा प्रकाशित ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) 2023 रैंकिंग में भारत ने 132 अर्थव्यवस्थाओं में से 40वीं स्थान पर पहुँच गया है। जीआईआई रैंकिंग में लगातार सुधार अपार ज्ञान पूंजी, जीवंत स्टार्ट-अप ईको सिस्‍टम और सार्वजनिक और निजी अनुसंधान संगठनों द्वारा किए गए अद्भुत कार्यों के कारण है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग जैसे वैज्ञानिक विभाग सहित सरकार के सभी विभागों; जैव प्रौद्योगिकी विभाग; अंतरिक्ष विभाग; और परमाणु ऊर्जा विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग ने राष्ट्रीय नवाचार ईको सिस्‍टम को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।सरकारी शोध संस्थान नीति आयोग के अनुसार, भारत पिछले कई वर्षों से GII में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2015 में वह 81वें स्थान से इस साल 40वें स्थान पर पहुंच गया है। GII रैंकिंग में लगातार सुधार विशाल बौद्धिक संपदा पूंजी, जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और सार्वजनिक व निजी शोध संगठनों द्वारा किए गए अद्भुत काम के कारण है।






2023 में स्विट्ज़रलैंड सबसे नवीन अर्थव्यवस्था है, इसके बाद स्वीडन, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और सिंगापुर हैं। सिंगापुर ने शीर्ष पांच में प्रवेश किया है, और दक्षिण पूर्व एशिया, पूर्वी एशिया और ओशिनिया (एसईएओ) क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी स्थान हासिल किया है।

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