अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण
भूटान को लैंड आफॅ थडंरवोल्ट कहा जाता क्योंकि यहां अत्यधिक और बढ़े तुफान हिमालय कि घाटी से होकर गुजरती है। भूटान के लोगों का यह मानना है कि बज्र की जगमगाती रोशनी एक अजगर की लाल आंख थी।
ड्राक (थंडर द्रेगन ) भूटान की राष्ट्रीय प्रतीक है जो भूटान के नागरिकों के विशिष्ट सिद्धांत पर आधारित है।
भूटान की राजधानी थिम्फू जो दुनिया की पांचवीं सबसे ऊंची राजधानी है। इसे मठों का चहर भी कहा जाता है। थिम्फू भूटान की सबसे बड़ी चहर हैं। यहां की क्षेत्रफल २६.१ वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। थिम्फू चहर भूटान की राजनीतिक और आर्थिक केन्द्र है। यह मुख्य रूप से कृषि और पशुपालन पर निर्भर है। यहां बौद्ध धर्म की प्रधानता है। थिम्फू चहर के लोग अपनी संस्कृति को बचाए रखने के लिए बहुत सारे नियमों का पालन करते हैं।
थिम्फू भूटान की सबसे स्वच्छ चहर हैं। यहां पर सन् १९९९ से प्लास्टिक का उपयोग करना मना है। यहां पर धूम्रपान भी प्रतिबंधित है।
भूटान एक महिला प्रधान देश है। महिला घर के मुख्य होते हैं।यहां पर सम्पत्ति का अधिकार महिला को मिलता है। यहां पर महिलाएं ही व्यवसाय, दुकान ओर खेती करते हैं।
सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता सूचकांक अपनाने वाला भूटान विश्व का एकमात्र देश हैं। अवधारणा १९७२ में भूटान के चौथे राजा जेश्मे सिंग्ये वांगचुक ने गढ़ी थी। भूटान की राजय्ववस्था सकल घरेलू उत्पाद की बजाय सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता पर ज्यादा जोर देते है।
भूटान दुनिया का एकमात्र देश हैं जो कार्वन निगेटिव है जिसका अर्थ है यह अपने जरूरत से ज्यादा आक्सीजन उत्पादन करते हैं। भूटान अपनी ६० प्रतिशत भूमि को बन आच्छादन के तहत सुरक्षित रखता है।भूटान के करीब ६०-७० प्रतिशत भाग घने जंगलों से घिरे हैं।
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