अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण

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  अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण मानस दर्पण देख, दोष-गुण स्वयं निहारें। अपने को पहचान, आप ही आप सुधारें।। अवधेश कुमार "अवध" दर्पण का इतिहास काफ़ी पुराना है।दर्पण पारंपरिक रूप से कांच का उपयोग करके बनाए जाते हैं, लेकिन वे कांच से भी लंबे समय से मौजूद हैं। पहले साधारण दर्पण लगभग 600 ईसा पूर्व पॉलिश किए गए ओब्सीडियन से बनाए गए थे। मेसोपोटामिया और मिस्र में 4000 से 3000 ईसा पूर्व के आस-पास तांबे को पॉलिश करके शीशे बनाए गए थे। विरूपण मुक्त छवियाँ बनाने के लिए धातु के दर्पण बनाने की कला पुरानी दुनिया के विभिन्न भागों में लंबे समय से प्रचलित है। 1400 ईसा पूर्व तक, टिन में 30 वज़न प्रतिशत तक युक्त कांस्य का उपयोग दर्पण बनाने के लिए किया जाता था।हमारे भारत में भी तांबे-टिन कांस्य को ढालकर और पॉलिश करके धातु के दर्पण बनाने की कला को अच्छी तरह से समझा जाता था और ये दर्पण अपनी स्पष्टता के लिए बहुत लोकप्रिय थे।ऋग्वेद सहित कई पुराणों में धातु के दर्पण का उल्लेख किया गया है। यहां तक ​​कि कजुराहो की नक्काशी...

राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956

 राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956



                              



राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 भारतीय संविधान संशोधन की वह अधिनियम है जिसके जरिए भाषाई आधार पर राज्य का पुनर्गठन किया गया था। इस अधिनियम के द्वारा 1950 में संविधान ने बनाई हुई भारतीय संघ के राज्यों की चार प्रकार की वर्गीकरण में वदलाव लाया गया। 1950 में भारतीय संविधान के द्वारा 29 राज्य और अंडमान एवं निकोबार द्वीप को संघ शासित क्षेत्र के रूप में मान्यता प्राप्त थी। लेकिन अक्तूबर, 1953 में भारत सरकार को भाषा के आधार पर राज्य गठन के लिए मजबूर होना पड़ा, जब मद्रास से तेलुगु भाषी क्षेत्रों को पृथक कर आंध्रप्रदेश का गठन किया गया। आंध्रप्रदेश के निर्माण से अन्य क्षेत्रों से भी भाषा के आधार पर राज्य बनाने की मांग उठने लगी। इसके कारण भारत सरकार ने तीन सदस्यीय राज्य पुनर्गठन आयोग का निर्माण किया। आयोग के द्वारा 1955 में एक रिपोर्ट पेश किया गया और सलाह दी कि मुल संविधान के अन्तर्गत चार आयामी राज्यों के वर्गीकरण को समाप्त किया जाए और 16 राज्यों एवं 3 केन्द्रीय प्रशासित क्षेत्रों का निर्माण किया जाए। परिणामस्वरूप 1 नवंबर, 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम लागू किया गया और 14 राज्य और 6 केन्द्र शासित प्रदेशों का गठन किया गया। 



राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 के द्वारा कोचीन राज्य के त्रावणकोर तथा मद्रास राज्य के मालाबार तथा दक्षिण कन्नड़ के कसरगोड़े को मिलाकर एक नया राज्य केरल स्थापित किया गया। इस अधिनियम ने हैदराबाद राज्य के तेलुगु भाषी क्षेत्रों को आन्ध्र राज्य में मिलाकर एक नये राज्य आन्ध्रप्रदेश की स्थापना की। मध्य भारत राज्य, विंध्य प्रदेश राज्य तथा भोपाल राज्य को मिलाकर मध्य प्रदेश राज्य का निर्माण किया गया। सौराष्ट्र और कच्छ राज्य को बंबई में, कुर्ग राज्य को मैसूर राज्य में, पटियाला एव पूर्वी पंजाब को पंजाब राज्य में और अजमेर राज्य को राजस्थान राज्य में विलयित कर दिया गया। इसके अलावा इस अधिनियम के द्वारा अंडमान निकोबार द्वीप समूह के साथ साथ दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, लक्षद्वीप, मिनिकॉय और अमीनदीवी द्वीप समूह, मणिपुर और त्रिपुरा को संघ शासित क्षेत्रों में परिवर्तित किया।बाद में राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 के तहत भाषा के आधार पर कई ओर प्रदेश को राज्य के रूप में मान्यता मिली। वर्तमान समय में भारत में 29 राज्य और 7 संघ शासित क्षेत्र है। 











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