अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण

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  अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण मानस दर्पण देख, दोष-गुण स्वयं निहारें। अपने को पहचान, आप ही आप सुधारें।। अवधेश कुमार "अवध" दर्पण का इतिहास काफ़ी पुराना है।दर्पण पारंपरिक रूप से कांच का उपयोग करके बनाए जाते हैं, लेकिन वे कांच से भी लंबे समय से मौजूद हैं। पहले साधारण दर्पण लगभग 600 ईसा पूर्व पॉलिश किए गए ओब्सीडियन से बनाए गए थे। मेसोपोटामिया और मिस्र में 4000 से 3000 ईसा पूर्व के आस-पास तांबे को पॉलिश करके शीशे बनाए गए थे। विरूपण मुक्त छवियाँ बनाने के लिए धातु के दर्पण बनाने की कला पुरानी दुनिया के विभिन्न भागों में लंबे समय से प्रचलित है। 1400 ईसा पूर्व तक, टिन में 30 वज़न प्रतिशत तक युक्त कांस्य का उपयोग दर्पण बनाने के लिए किया जाता था।हमारे भारत में भी तांबे-टिन कांस्य को ढालकर और पॉलिश करके धातु के दर्पण बनाने की कला को अच्छी तरह से समझा जाता था और ये दर्पण अपनी स्पष्टता के लिए बहुत लोकप्रिय थे।ऋग्वेद सहित कई पुराणों में धातु के दर्पण का उल्लेख किया गया है। यहां तक ​​कि कजुराहो की नक्काशी...

क्या आप जानते हैं कि डच डाइक का उपयोग कियो करते हैं dike of dutch

 क्या आप जानते हैं कि डच डाइक का उपयोग कियो करते हैं



                                                  



डच का अर्थ नीदरलैंड या उसके लौगों और भाषा या संस्कृति से संबंधित है। नीदरलैंड युरोप महाद्वीप के एक प्रमुख देश है। यह उत्तर ओर पश्चिम दिशा से समुद्र से घीरा है। पूर्व में जर्मनी और दक्षिण में बेल्जियम स्थित है। नीदरलैंड की राजधानी एम्सटर्डम है। नीदरलैंड दुनिया की कुछ सबसे खूबसूरत पवन चक्कियों और  नहरों का घर है। नीदरलैंड के आबादी का अधिकांश हिस्सा धर्मनिरपेक्ष है। डच लोगों का यह मानना है कि राजनीति ओर शिक्षा में धर्म की भुमिका नहीं होनी चाहिए। नीदरलैंड के संविधान शिक्षा की स्वतंत्रता को प्रोत्साहन देते हैं। 



नीदरलैंड उत्तरी सागर से घिरा होने के कारण यहा की आधी जमीन समुद्र तल से नीचे है। यहा समुद्र को बाहर रखने के लिए कोई प्राकृतिक टीले नहीं है। 1953 में उच्च वसंत ज्वार और तेज आंधी के संयोजन के कारण उत्तरी सागर युनाइटेड किंगडम और नीदरलैंड के तटीय क्षेत्रों में भयानक प्राकृतिक आपदा की स्थिति पैदा किया था जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई थी। इस घटना से नीदरलैंड के जनता को बहुत अधिक दुख पहुंचा। डच तबसे लेकर आज तक अपनी खेतों ओर समुदाय की सुरक्षा के लिए अपनी विशेषज्ञता विकसित करते आये है। 




डच समुद्र को रोकने के लिए डाइक का उपयोग करते हैं। डाइक निम्न भूमि पर पानी के बहाव को रोकने के लिए समुद्र पर बनी एक लम्बी ओर मोटी दिवार है। यह दिवार बड़े बड़े पत्थरों से, रेत से भरी कपड़ो की थैलीयों से बनाया जाता है। यह कपड़े़ और रेत पानी को सोख लेते हैं। सैंडबैग्स बहुत अधिक भारी होने के कारण अपनी जगह पर बने रहते हैं। बर्तमान समय में डाइक बनाने में कंक्रीट ब्लॉक को इस्तेमाल में लाया जाता है। डाइक बाहरी ढलान यूक्त एक जटिल संरचना है। डच डाइक को ओर मजबूत करने के लिए रेट और मीट्टी के पहाड़ भी बनाते हैं।





मितव्ययिता और दूरर्दशीता के लिए प्रसिद्ध डच जलवायु परिवर्तन से समुद्र स्तर में हो रहे परिवर्तन से अपने समुदाय को और उसके अगले पीढ़ी को रक्षा करने के लिए अरबो यूरो का निवेश करते आये है। डच द्वारा निर्मित  Afsluitdijk अबतक की सबसे बड़ी डाइक है जिसकी ऊंचाई 7.25 मिटर,लम्बाई 32 कील मिटर और चौड़ाई 90 कील मिटर की है। यह डच की समुद्र के ऊपर एक शानदार काम है। 













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