अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण
क्या आप जानते हैं कि डच डाइक का उपयोग कियो करते हैं
डच का अर्थ नीदरलैंड या उसके लौगों और भाषा या संस्कृति से संबंधित है। नीदरलैंड युरोप महाद्वीप के एक प्रमुख देश है। यह उत्तर ओर पश्चिम दिशा से समुद्र से घीरा है। पूर्व में जर्मनी और दक्षिण में बेल्जियम स्थित है। नीदरलैंड की राजधानी एम्सटर्डम है। नीदरलैंड दुनिया की कुछ सबसे खूबसूरत पवन चक्कियों और नहरों का घर है। नीदरलैंड के आबादी का अधिकांश हिस्सा धर्मनिरपेक्ष है। डच लोगों का यह मानना है कि राजनीति ओर शिक्षा में धर्म की भुमिका नहीं होनी चाहिए। नीदरलैंड के संविधान शिक्षा की स्वतंत्रता को प्रोत्साहन देते हैं।
नीदरलैंड उत्तरी सागर से घिरा होने के कारण यहा की आधी जमीन समुद्र तल से नीचे है। यहा समुद्र को बाहर रखने के लिए कोई प्राकृतिक टीले नहीं है। 1953 में उच्च वसंत ज्वार और तेज आंधी के संयोजन के कारण उत्तरी सागर युनाइटेड किंगडम और नीदरलैंड के तटीय क्षेत्रों में भयानक प्राकृतिक आपदा की स्थिति पैदा किया था जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई थी। इस घटना से नीदरलैंड के जनता को बहुत अधिक दुख पहुंचा। डच तबसे लेकर आज तक अपनी खेतों ओर समुदाय की सुरक्षा के लिए अपनी विशेषज्ञता विकसित करते आये है।
डच समुद्र को रोकने के लिए डाइक का उपयोग करते हैं। डाइक निम्न भूमि पर पानी के बहाव को रोकने के लिए समुद्र पर बनी एक लम्बी ओर मोटी दिवार है। यह दिवार बड़े बड़े पत्थरों से, रेत से भरी कपड़ो की थैलीयों से बनाया जाता है। यह कपड़े़ और रेत पानी को सोख लेते हैं। सैंडबैग्स बहुत अधिक भारी होने के कारण अपनी जगह पर बने रहते हैं। बर्तमान समय में डाइक बनाने में कंक्रीट ब्लॉक को इस्तेमाल में लाया जाता है। डाइक बाहरी ढलान यूक्त एक जटिल संरचना है। डच डाइक को ओर मजबूत करने के लिए रेट और मीट्टी के पहाड़ भी बनाते हैं।
मितव्ययिता और दूरर्दशीता के लिए प्रसिद्ध डच जलवायु परिवर्तन से समुद्र स्तर में हो रहे परिवर्तन से अपने समुदाय को और उसके अगले पीढ़ी को रक्षा करने के लिए अरबो यूरो का निवेश करते आये है। डच द्वारा निर्मित Afsluitdijk अबतक की सबसे बड़ी डाइक है जिसकी ऊंचाई 7.25 मिटर,लम्बाई 32 कील मिटर और चौड़ाई 90 कील मिटर की है। यह डच की समुद्र के ऊपर एक शानदार काम है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें