संदेश

जुलाई, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण

चित्र
  अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण मानस दर्पण देख, दोष-गुण स्वयं निहारें। अपने को पहचान, आप ही आप सुधारें।। अवधेश कुमार "अवध" दर्पण का इतिहास काफ़ी पुराना है।दर्पण पारंपरिक रूप से कांच का उपयोग करके बनाए जाते हैं, लेकिन वे कांच से भी लंबे समय से मौजूद हैं। पहले साधारण दर्पण लगभग 600 ईसा पूर्व पॉलिश किए गए ओब्सीडियन से बनाए गए थे। मेसोपोटामिया और मिस्र में 4000 से 3000 ईसा पूर्व के आस-पास तांबे को पॉलिश करके शीशे बनाए गए थे। विरूपण मुक्त छवियाँ बनाने के लिए धातु के दर्पण बनाने की कला पुरानी दुनिया के विभिन्न भागों में लंबे समय से प्रचलित है। 1400 ईसा पूर्व तक, टिन में 30 वज़न प्रतिशत तक युक्त कांस्य का उपयोग दर्पण बनाने के लिए किया जाता था।हमारे भारत में भी तांबे-टिन कांस्य को ढालकर और पॉलिश करके धातु के दर्पण बनाने की कला को अच्छी तरह से समझा जाता था और ये दर्पण अपनी स्पष्टता के लिए बहुत लोकप्रिय थे।ऋग्वेद सहित कई पुराणों में धातु के दर्पण का उल्लेख किया गया है। यहां तक ​​कि कजुराहो की नक्काशी...

विश्व का सबसे बड़ा कहवा पात्र साओ पाउलो ब्राजील

चित्र
 विश्व का सबसे बड़ा कहवा पात्र साओ पाउलो ब्राजील                                                             कहवा या कॉफी एक लोकप्रिय पेय पदार्थ है जो काॅफी के पेड़ के भुने हुए बीजों से बनाया जाता है। इसमें कैफीन होता है जीस बजह से ये हल्के उद्दीपक सा प्रभाव डालती है। इसकी तीन मुख्य किस्में है- कॅफिया लाइबेरिया, काॅफिया अरेबिका, और काॅफिया रोबस्टा।  काॅफी के उत्पत्ति का केंद्र इथियोपिया को माना जाता है। काॅफी के इतिहास को लेकर एक कहानी प्रचलित है जिसके अनुसार एक बकरी चराने वाले व्यक्ति कालडी अपने बकरीयों को देखा कि वे बहुत अजीब हरकते कर रहे हैं। कालडी को अच्छी तरह से देखने के बाद यह पता चला कि बकरीया एक पेड़ से जामुन जैसा कुछ खा रहे थे जिसके बाद बकरीया उर्जावान और उत्साहित हो जाते थे। कालडी ने ख़ुद वो जामुन चखा ओर उसे भी बहुत उर्जा महसूस हूआ। उन्होंने वो जामुन एक भीक्षु के पास ले गया। भीक्षु ने इसे सैतान का काम समझके आग में ...

समान नागरिक संहिता और इसकी आवश्यकता uniform civil code

चित्र
 समान नागरिक संहिता(uniform civil code) और इसकी आवश्यकता                            समान नागरिक संहिता अर्थात एक देश, एक कानून। समान नागरिक संहिता हर धर्म, जाती और लिंग के लिए एक कानून की व्यवस्था है।  भारत एक लोकतांत्रिक देश है। एक लोकतांत्रिक देश में धर्म निरपेक्षता बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत के संविधान धार्मिक स्वतंत्रता को मौलिक अधिकारों में स्थान दिया है। भारत में धर्म के आधार पर व्यक्तिगत कानून विवाह, तलाक, विरासत, गुजारा भत्ता जैसे मामलों पर अलग अलग होते हैं।  भारत में सम्राट अशोक के समय से ही धार्मिक स्वतंत्रता स्वीकार था। 12 वीं शताब्दी में इस्लाम के आगमन के साथ अतरंधार्मिक संबधों के प्रति दृष्टिकोण बदल गया। इस्लाम के राजनीतिक सिद्धांत हिन्दू धर्म, इसाई धर्म ओर अन्य भारतीय धर्मों के सिद्धांत के विपरीत था। उस समय के दौरान भारत में इस्लाम धर्म की प्राथमिकता थी। बाद में भारत में ईस्ट इन्डिया कम्पनी ओर ब्रिटिश राज ने धर्मों के प्रति तटस्थता की नीति अपनाया। अंग्रेज़ों ने भारत के देशी धर...