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आरौग्य मैत्री क्यूब
आरोग्य मैत्री क्यूब भारत में निर्मित दुनिया का सबसे पहला पोर्टेबल अस्पताल है जीसे आपदा के समय आवस्यक चिकित्सा प्रदान करने के लिए इस्तेमाल में लाया जायेगा।इसे प्रोजेक्ट भीष्म(भारत हेल्थ इनिशिएटिव फाॅर सहयोग हित एंड मैत्री) के तहत स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।"आरोग्य मैत्री क्यूब'' आरोग्य मैत्री परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा या मानवीय संकटों से प्रभावित किसी भी विकासशील देश को आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति प्रदान करना।
आरोग्य मैत्री क्यूब को 72 क्यूब में इकट्ठा किया गया एक पोर्टेबल अस्पताल है जिसे हवाई जहाज के माध्यम से कोई भी प्राकृतिक आपदाओ से ग्रसित स्थान पर आसानी से ले जाया जा सकता है।इन क्यूब में चिकित्सा जनित आवस्यक उपकरण और आपूर्ति होती है, जैसे एक आपरेशन थिएटर, मिनी-आईसीयू, वेंटिलेटर, रक्त परीक्षण उपकरण, एक्स-रे मशीन,पानी, विजली जेनेरेटर शामिल हैं।क्यूब बॉक्स पर एक क्यूआर कोड है जिसे स्कैन करते ही ये पता किया जा सकता है कि किस बॉक्स में दवाएं हैं और उनकी एक्सपायरी क्या है. किस बॉक्स में फ्रैक्चर के इलाज का सामान है और किसमें एक्सरे की सुविधा है ।इस अस्पताल को पूरी तरह सोलर एनर्जी और बैटरीज़ की मदद से चलाया जा सकता है।
आरोग्य मैत्री क्यूब आपदा जनित स्थान पर पहुछने के बाद मात्र 1 घन्टे के अन्दर ही पुरी तरह से चिकित्सा प्रदान करने के लिए एक अस्पताल के रूप में व्यवस्थित हो जाते हैं।इसमें मौजूद अपरेशन थिएटर मात्र 10 मिनट के अन्दर इलाज करने के लिए तैयार हो उठते हैं। आरोग्य मैत्री क्यूब प्राकृतिक आपदाओ या संकट के दौरान 48 घन्टों तक 200 जीवित बचे लोगों की सहायता करने के लिए समर्थ है।
इस पोर्टेबल अस्पताल का प्राथमिक लक्ष्य सीमित चिकित्सा संसाधनों या पहुंच संबंधी चुनौतियों वाले दूरदराज और कम सेवा वाले क्षेत्रों की सेवा करना है। इसका पोर्टेबल डिज़ाइन इन क्षेत्रों में आसान परिवहन की अनुमति देता है। भारत ने हालही में सद्भावना के तौर पर म्यांमार और श्रीलंका के अलावा संयुक्त अरब अमीरात सरकार के माध्यम से लीबिया को पांच क्यूब भैजे है।
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