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विश्वकर्मा श्रम सन्मान योजना pm vishwakarma yojana
हमारे देश भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कारिगर और शिल्पकार जो अपने हाथों और औजारों से काम करते हैं,इन पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों की गुणवत्ता, कौशलता, उत्पादन क्षमता और व्यापारीक लाभ में सुधार लाने के लिए भारत सरकार ने "पि.एमविश्वकर्मा" नामक एक योजना का शुभारंभ किया है।इस योजना का मुख्य उद्देश्य है हमारे अर्थव्यवस्था के अनौपचारिक या असंगठित क्षेत्र का हिस्सा माने जाने वाले कारीगरों और शिल्पकारों जिन्हें विश्वकर्मा कहा जाता है,उनको समग्र समर्थन प्रदान करना।
इस योजना के जरिये इन विश्वकर्माओं की जिनमें सुनार, कुम्हार, लोहार, मुर्तिकार,बढ़ई शामिल हैं, उनको अपने संम्बंधित व्यापार में मुल्य श्रृंखला को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाया जायेगा।इस योजना से इन विश्वकर्माओं की गुणात्मक बदलाव लाया जायेगा जिसके जरिये उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के साथ साथ उनके जीवन की गुणवत्ता में भी बदलाव आयेगी।कोई भी 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का कारीगर या शिल्पकार जो हाथों और औजारों से काम करता है और स्व-रोजगार के आधार पर असंगठित क्षेत्र में परिवार-आधारित पारंपरिक व्यापार में लगा हुआ है, वह विश्वकर्मा योजना के तहत सहायता के लिए पात्र है।
देश में 17 सितम्बर को विश्वकर्मा श्रम सन्मान योजना केन्द्रीय मंत्रीयो की मौजूदगी में सभी राज्यों और केन्द्रीय शासित प्रदेशों में शुरुआत की गई है। यह योजना महिलाओं, अनुसुचित जाति, अनुसुचित जनजाति,ओबीसी, विशेष रूप से सक्षम,एनईआर राज्यों या कम सेवा वाले समुहों से संबंधित लोगों के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू किया गया है।इस योजना के जरिये विश्वकर्माओं को विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आई डि कार्ड प्रदान की जायेगी। इस योजना के तहत लोगों को रियायती ब्याज दर पर लोन दिया जाएगा। इसके लिए ब्याज दर 5% तय किया गया है। पहले चरण में लोगों को एक लाख रुपये का लोन दिया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में 2 लाख रुपये तक का लोन लिया जा सकता है।उनकी कौशलता और कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए बुनियादी प्रशिक्षण दिया जायेगा।
पि.एम विश्वकर्मा योजना के तहत आवेदक शिल्पकारों और कारीगरों के लिए एक अद्वितीय डीजीटल नम्बर की व्यवस्था की जायेगी जिस नम्बर को आवेदक की प्रमाण पत्र और आई डी कार्ड पर प्रदर्शित किया जायेगा।प्रमाण पत्र आवेदक को विश्वकर्मा के रूप में मान्यता देने में समर्थ होगा और उसे योजना के तहत सभी लाभ प्राप्त करने के योग्य बनाएगा।
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