अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण

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  अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण मानस दर्पण देख, दोष-गुण स्वयं निहारें। अपने को पहचान, आप ही आप सुधारें।। अवधेश कुमार "अवध" दर्पण का इतिहास काफ़ी पुराना है।दर्पण पारंपरिक रूप से कांच का उपयोग करके बनाए जाते हैं, लेकिन वे कांच से भी लंबे समय से मौजूद हैं। पहले साधारण दर्पण लगभग 600 ईसा पूर्व पॉलिश किए गए ओब्सीडियन से बनाए गए थे। मेसोपोटामिया और मिस्र में 4000 से 3000 ईसा पूर्व के आस-पास तांबे को पॉलिश करके शीशे बनाए गए थे। विरूपण मुक्त छवियाँ बनाने के लिए धातु के दर्पण बनाने की कला पुरानी दुनिया के विभिन्न भागों में लंबे समय से प्रचलित है। 1400 ईसा पूर्व तक, टिन में 30 वज़न प्रतिशत तक युक्त कांस्य का उपयोग दर्पण बनाने के लिए किया जाता था।हमारे भारत में भी तांबे-टिन कांस्य को ढालकर और पॉलिश करके धातु के दर्पण बनाने की कला को अच्छी तरह से समझा जाता था और ये दर्पण अपनी स्पष्टता के लिए बहुत लोकप्रिय थे।ऋग्वेद सहित कई पुराणों में धातु के दर्पण का उल्लेख किया गया है। यहां तक ​​कि कजुराहो की नक्काशी...

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र digital life certificate hindi



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डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र digital life certificate डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र एक अनलाइन पंजीकरण है, जीसके जरिये एक पेंशनभोगि अपना विवरण प्रदान कर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। एक पेंशनर इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) की डोरस्टेप सर्विस के माध्यम से डिजिटल रूप से जीवन प्रमाणपत्र (Life Certificate) जमा कर सकता है।यह एक पेड सर्विस है और सभी पेंशनर्स के लिए 70 रुपये की लागत पर उपलब्ध है।इस सेवा का लाभ उठाने के लिए पेंशनर्स को आईपीपीबी अकाउंट रखने की जरूरत नहीं है।किसी भी बैंक में पेंशन खाता पाने वाला पेंशनर इस सुविधा का लाभ उठा सकता है।यह सेवा पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर डिपार्टमेंट, डाक विभाग, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (IPPB) के संयुक्त प्रयासों से देश भर के सभी पेंशनर्स के लिए उपलब्ध कराई गई है। 










डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र कैसे जमा करे





एक पेंशनभोगि अपना जीवन प्रमाण पत्र अनलाइन दो तरीके से जमा कर सकते हैं। पहला आधार आधारित अनलाइन डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और दूसरा फेस ऑथेंटिकेशन।




आधार से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए पेंशनभोगि को स्वयं से नामांकित और वायोमेट्रीक रूप से प्रमाणित करना होगा।इसके लिए पेंशनभोगि किसी भी स्मार्टफोन या विंडोज पीसी पर jeevanpramaan.gov.in से एक एप्लिकेशन डाउनलोड कर सकते हैं।इसके बाद उस एप्लिकेशन में अपनी आधार नंबर और अपने पेंशन बैंक खाते से संबंधित अन्य विवरण देकर वायोमेट्रीक प्रमाणिकता कर सकते हैं‌। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सफलतापूर्वक जमा करने के बाद, पेंशनभोगि को उनके मोवाईल पर ट्रांजैक्शन आईडी का एसएमएस भैजा जाता है।इस ट्रांजैक्शन आईडी का उपयोग करके पेंशनभोगि वेबसाइट पर अपना जीवन प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। 




फेस आथेंटिकेशन यानिकी चेहरे के प्रमाणीकरण माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए सबसे पहले पेंशनभोगि को अपने स्मार्टफोन पर 'जीवन प्रमाण' ऐप डाउनलोड करना होगा।फिर जीवन प्रमाण ऐप में अपना आधार (यूआईडी) नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और बहुत कुछ सहित अपना पर्सनल डिटेल भर कर ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करना होगा।इसके बाद उन्हें अपने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दोनों पर एक वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्राप्त होगा।पेंशनभोगि को अपना पहचान सत्यापित करने के लिए ओटीपी सबमिट करना होगा। फिर यह ऐप फेस स्कैन के लिए अनुमति का अनुरोध करेगा।प्रक्रिया जारी रखने के लिए 'हां' पर क्लिक करना होगा।अब ऐप फोटो को स्कैन करेगा और रिकॉर्ड करेगा।प्रक्रिया पूरी होने के बाद, स्क्रीन प्रमाण आईडी और पीपीओ नंबर के साथ सबमिशन दिखाएगा।








पेंशनर्स इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा लॉन्च किए गए मोबाइल ऐप के माध्यम से भी जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
देश में करोड़ों लोग केंद्र या राज्य सरकार से पेंशन पाते हैं।वर्तमान में केंद्र सरकार के करीब 69.76 लाख पेंशनर्स हैं,जबकि इतने पेंशनर्स राज्य सरकार और अन्य संस्थाओं के हैं।आपकी पेंशन लगातार आती रहे इसके लिए पेंशनर्स को हर साल बैंकों में अपने जीवन प्रमाण पत्र या लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने पड़ते हैं।ऐसा न करने पर आपकी पेंशन रुक सकती है। 

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