संदेश

सितंबर, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण

चित्र
  अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण मानस दर्पण देख, दोष-गुण स्वयं निहारें। अपने को पहचान, आप ही आप सुधारें।। अवधेश कुमार "अवध" दर्पण का इतिहास काफ़ी पुराना है।दर्पण पारंपरिक रूप से कांच का उपयोग करके बनाए जाते हैं, लेकिन वे कांच से भी लंबे समय से मौजूद हैं। पहले साधारण दर्पण लगभग 600 ईसा पूर्व पॉलिश किए गए ओब्सीडियन से बनाए गए थे। मेसोपोटामिया और मिस्र में 4000 से 3000 ईसा पूर्व के आस-पास तांबे को पॉलिश करके शीशे बनाए गए थे। विरूपण मुक्त छवियाँ बनाने के लिए धातु के दर्पण बनाने की कला पुरानी दुनिया के विभिन्न भागों में लंबे समय से प्रचलित है। 1400 ईसा पूर्व तक, टिन में 30 वज़न प्रतिशत तक युक्त कांस्य का उपयोग दर्पण बनाने के लिए किया जाता था।हमारे भारत में भी तांबे-टिन कांस्य को ढालकर और पॉलिश करके धातु के दर्पण बनाने की कला को अच्छी तरह से समझा जाता था और ये दर्पण अपनी स्पष्टता के लिए बहुत लोकप्रिय थे।ऋग्वेद सहित कई पुराणों में धातु के दर्पण का उल्लेख किया गया है। यहां तक ​​कि कजुराहो की नक्काशी...

पृथ्वी पर मौजूद 8 वां महाद्वीप जीलैंडिया zealandia continent in hindi

चित्र
 दुनिया का आठवां महाद्वीप जीलैंडिया zealandia continent                            हाल ही में पृथ्वी की 8 वां महाद्वीप की खोज भूवैज्ञानिकों की एक छोटी सी टीम के माध्यम से सम्भव हूई है, जिन्होंने इस जलमग्न महाद्वीप का एक परिष्कृत नक्शा बनाया है। वैज्ञानिकों ने समुद्र तल से एकत्रित किये गए चट्टानों के नमूनों से प्राप्त डेटा का उपयोग करके पृथ्वी के 8 वां महाद्वीप जीलैंडिया के भूवैज्ञानिक विशेषताओं का पता लगाए हैं।जीलैंडिया जिसे ते-रिउ-ए-माउई के नाम से भी जाना जाता है,मुख्य रूप से पानी के निचे अपने अस्तित्व में रहने के कारण लंबे समय से वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का एक चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है।जीलैंडिया के अस्तित्व के बारे में सबसे पहले 1642 में डच व्यवसायी और नाविक एबेल तस्मान ने रिकॉर्ड दर्ज किया था। पिछले शोध में अनुमान लगाया गया था कि जीलैंडिया की आयु लगभग 83 मिलियन वर्ष है। वर्तमान के निष्कर्ष से यह पता चलता है कि यह ओर भी पुराना हो सकता है, लगभग 1 अरब वर्ष। भूवैज्ञानिकों के अनुसार यह भूभाग लगभग 23 मिलियन वर्ष पहल...

Global Innovation Index 2023 India rank in hindi

चित्र
 ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2023 में भारत 40 वीं स्थान पर                       ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स अर्थात वैश्विक नवाचार सूचकांक प्रति वर्ष की जाने वाली एक रैंकिंग है जो विश्व के विभिन्न देशों में नवाचार की क्षमता को इंगित करती है। यह किसी अर्थव्यवस्था के नवाचार प्रदर्शन को मापने के लिए एक संदर्भ प्रदान करता है।नवाचार का अर्थ किसी उत्पाद,प्रक्रिया या सेवा में थोड़ा या बहुत बड़ा परिवर्तन लाना है।नवाचार के अन्तर्गत कुछ नया और उपयोगी तरीका अपनाया जाता है, जैसे- नयी विधि, नयी तकनीक, नयी कार्य-पद्धति, नयी सेवा, नया उत्पाद आदि। ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स जेनेवा स्थित विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) द्वारा प्रकाशित नवाचार में उनकी क्षमता और सफलता के आधार पर देशों की वार्षिक रैंकिंग है। इसकी शुरुआत 2007 में एक ब्रिटिश पत्रिका इनसियाड(INSEAD)और वर्ल्ड विजनेस(World Business)द्वारा की गई थी। हाल ही में विश्व बौद्धिक संपदा संगठन द्वारा प्रकाशित ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) 2023 रैंकिंग में भारत ने 132 अर्थव्यवस्थाओं में से 40वीं...

तामिलनाडु जीआई टैग सामग्री सूची Tamilnadu GI tag list hindi

चित्र
 भारत में सबसे अधिक जीआई टैग प्राप्त करने वाले राज्य तामिलनाडु भारत की सबसे अधिक जीआई टैग प्राप्त करने वाले राज्य है।हालही में तामिलनाडु 50 जीआई टैग वालें सामग्री उत्पादन के साथ भारत के सबसे अधिक जीआई टैग प्राप्त करने वाले राज्य बन गया है।  जीआई टैग अर्थात भौगोलिक संकेत उन उत्पादों पर इस्तेमाल किया जाने वाला एक संकेत है जिनकी एक विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति होती है और उनमें उस उत्पत्ति के कारण गुण या प्रतिष्ठा होती है।जीआई टैग प्राप्त करने के लिए किसी उत्पाद को एक विशिष्ट स्थान पर उत्पन्न होने की पहचान करना आवश्यक है।उत्पाद के गुण, विशेषता और प्रतिष्ठा अनिवार्य रूप से मुल स्थान के कारण होनी चाहिए।भौगोलिक संकेत अथवा जीआई टैग का उपयोग विभिन्न प्रकार के उत्पादों के लिए किया जा सकता है, जिनमें कृषि उत्पाद,खाद्य और पेय पदार्थ,हस्तशिल्प और वस्त्र शामिल हैं।  तामिलनाडु में उत्पादित जीआई टैग प्राप्त करने वाले कुछ सामग्री सूची: सलेम कपड़ा                               यह रेशम के धागे और सूती धागे से बनी बेहतर ग...

वास्तुकला के सौन्दर्य से भरा नगर हम्पी Hampi city karnataka hindi

चित्र
वास्तुकला के सौन्दर्य से भरपूर हम्पी Hampi city karnataka                         हम्पी कृष्णा और तुंगभद्रा नदीयों की घाटी में स्थित बर्तमान कर्नाटक राज्य की एक प्राचीन नगर है। हम्पी अपने प्राचीन वास्तुकला के सौन्दर्य से प्रसिद्ध है।यह नगर 1336 में स्थापित विजयनगर साम्राज्य का केन्द्रस्थल था।हम्पी को पंपा क्षेत्र भी कहा जाता था। पंपा हिन्दू देवी मा पार्वती की दुसरा नाम है। पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी पार्वती ने हम्पी की हेमकुंट पहाड़ीयों मे एक योगीनी के रूप में शिव को अपने स्वामी के रूप में पाने के लिए अपना जीवन बिताया था।प्राचीन काल में हम्पी एक समृद्धिशाली सभ्यता का निवास स्थान प्रतित होता था। वर्तमान समय में हम्पी में परिलक्षित दुर दुर तक फैली हुई मन्दिरों,महलों और इमारतों की अवशेष की अद्भुत वास्तुकला,पत्थरों पर की हुई बारीक नक्काशी से भारतीय इतिहास की एक सुनहरे युग की झलक मिलती है। सन् 1565 में, तालिकोटा की लड़ाई में, मुस्लिम सल्तनत की गठबंधन ने विजयनगर साम्राज्य के साथ युद्ध में प्रवेश किया।उन्होंने राजा आलिया राम राय को ...

मोनाल पक्षी monal bird in hindi

चित्र
मोनाल पक्षी monal bird in hindi                           मोनाल पक्षी शीतोष्ण पर्णपाती वनों में पाये जाने वाले एक तीतर प्रजाति के पक्षी है।मोनाल एक खुबसुरत रंगबिरंगे पक्षी है। यह अपेक्षाकृत बड़े आकार के तीतर है।मोनाल पक्षी के नर और मादा में बहुत विभिन्नता परिलक्षित होता है। नर मोनाल के पंख शानदार और जीवंत नीले, हरे,बैंगनी और लाल रंग के होते हैं।उनकी पूंछ के नीचले हीस्से के पंखों में एक सफेद धब्बा होता है, लेकिन बाकी हिस्सा काला होता है।नर मोनाल की पूंछ के पंख समान रूप से रूखे होते हैं। मोनाल पक्षी के सिर के उपर एक कलगी होती है।नर मोनाल के कलगी लंम्बी, धात्विक और हरे रंग के होते हैं और पीठ, गर्डन पर तांबे पंख होते हैं।मादा मोनाल भूरे रंग के होती है।मादा के पंखो के कुछ हिस्सों में सफेद और काली धारियाँ देखी जाती है।मादा के गले पर एक सफेद धब्बा और पूछं पर एक सफेद पट्टी होती है।नर और मादा दोनों मोनाल सदस्यों की आखें एक नीले त्वचा से घिरा होता है।  मोनाल हिमालय के झाड़ियों और जंगलों के मुल निवासी है। हिमालय में पाये जाने वा...

भारत में खालिस्तान आंन्दोलन का इतिहास khalistan movement hindi

चित्र
 खालिस्तान आंन्दोलन का इतिहास                             खालिस्तान जिसका अर्थ है खालसा की सरजमीं, जहाँ सिर्फ सिख रहते हो। भारत में सिख समुदाय के द्वारा अपने लिए एक अलग स्वतंत्र राज्य की मांग करते हुए यह खालिस्तान शब्द का इस्तेमाल किया था।खालिस्तान मांग की शुरुआत सन् 1929 में हूआ था जब मोतिलाल नेहरू जी ने "पूर्ण स्वराज" आन्दोलन शुरू किया। मोतिलाल नेहरू ने जब यह कहा कि भारत एक स्वतंत्र देश बनेगा जहा पर गणतंत्र रहेगा। सिख समुदाय के लोगों को यह उम्मीद थी कि जब भारत स्वतंत्र होने के बाद अंग्रेजी लोग भारत से चले जायेंगे तो उन्हें अपनी सिख साम्राज्य वापस मिल जायेगी जहाँ पर अंग्रेजों ने कब्जा करके रखा था।लेकिन जब 1946 में अंग्रेजों ने भारत छोड़ने से पहले जनसंख्या के आधार पर भारत का बटवारा करके पंजाब का आधे से ज्यादा हिस्सा पाकिस्तान को दे दिया, जहाँ पर मुस्लिम लोगों की आवादी थी, तब सिख समुदाय की शिरोमणि अकाली दल ने भी अपने लिए सिखीस्तान की मांग की। क्योंकि तब पजांब में सिख समुदाय की आवादी ज्यादा थी।लेकिन यह मांग पुरा नह...

विश्वकर्मा श्रम सन्मान योजना का लाभ कैसे ले pm vishwakarma yojana hindi

चित्र
 विश्वकर्मा श्रम सन्मान योजना pm vishwakarma yojana                          हमारे देश भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कारिगर और शिल्पकार जो अपने हाथों और औजारों से काम करते हैं,इन पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों की गुणवत्ता, कौशलता, उत्पादन क्षमता और व्यापारीक लाभ में सुधार लाने के लिए भारत सरकार ने "पि.एमविश्वकर्मा" नामक एक योजना का शुभारंभ किया है।इस योजना का मुख्य उद्देश्य है हमारे अर्थव्यवस्था के अनौपचारिक या असंगठित क्षेत्र का हिस्सा माने जाने वाले कारीगरों और शिल्पकारों जिन्हें विश्वकर्मा कहा जाता है,उनको समग्र समर्थन प्रदान करना। इस योजना के जरिये इन विश्वकर्माओं की जिनमें सुनार, कुम्हार, लोहार, मुर्तिकार,बढ़ई शामिल हैं, उनको अपने संम्बंधित व्यापार में मुल्य श्रृंखला को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाया जायेगा।इस योजना से इन विश्वकर्माओं की गुणात्मक बदलाव लाया जायेगा जिसके जरिये उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के साथ साथ उनके जीवन की गुणवत्ता में भी बदलाव आयेगी।कोई भी 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का कारीगर या शि...

मेहरानगढ़ किले का अनसुलझे रहस्य mehrangarh fort hindi

चित्र
 मेहरानगढ़ किले का अनसुलझे रहस्य                          राजस्थान के जोधपुर शहर में स्थित मेहरानगढ़ किला भारत के भव्य और विशाल किलो में से एक है। मेहरानगढ़ किला जोधपुर के चिड़ीयातूक पहाड़ पर जोधपुर के संस्थापक राव जोधा द्वारा सन् 1459 में बनाई गई एक राजपूत राजाओं का किला है।यह किला जोधपुर के राजधानी को सुरक्षित करने के उद्देश्य से जमीन के 400 फीट ऊचाई पर ओर 1200एकर के विशाल क्षेत्र में बनायी गयी एक दुर्ग है। इस किले के निर्माण के पीछे एक रहस्यमय घटना शामिल हैं। दरअसल चिड़ीयातूक पहाड़ में एक चिड़ियानाथ नामक एक सन्यासी रहते थे।वहा लोग उस संत को बहुत मानते थे।जब राव जोधा ने वहापर किला वनाने का निर्णय किया तो उन्होंने उस सन्यासी को वहा से जाने के लिए आग्रह किया। लेकिन चिड़ियानाथ ने वहा से जाने के लिए इन्कार किया। फिर राव जोधा ने उस सन्यासी को कर्णी माता सी सहायता से वहा से हटाया।इस बात से संत क्रोधित होकर राव जोधा को श्राप देकर कहा कि उनका किला हमेशा पानी की समस्या का सामना करेगा। फिर राव जोधा ने इस श्राप से मुक्ति पाने ...

मेरी माटी मेरा देश अभियान क्या हैmeri mati mera desh

चित्र
 मेरी माटी मेरा देश                                                        मेरी माटी मेरे देश’ अभियान की शुरुआत भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा की गई है। ये कार्यक्रम 15 अगस्त 2023 को 77वे स्वतंत्रता दिवस के आने के उल्लास में आयोजित किया गया था।आजादी के 75 वर्ष के उपलक्ष में प्रधानमंत्री जी ने अमृत महोत्सव के समापन के लिए इस कार्यक्रम का शुभारम्भ किया था।  मेरी माटी, मेरा देश अभियान हमारे देश के वीर-वीरांगनाऔ, शहिदों,स्वतंत्रता सेनानीयों को सम्मान देने के लिए एक कार्यक्रम है।हमारे देश के वीर शहीदों ने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें स्वतंत्रता दिलाई है। उनकी बलिदान और त्याग ने हमें निष्कलंक स्वतंत्रता की महत्वपूर्णता को सिखाया है। यह अभियान गाँव, पंचायत, ब्लाॅक, शहरी स्थानीय निकाय,राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करके 'जनभागीदारी' को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।  9 आगस्त,...

दुनिया का पहला ट्रैवलिंग अस्पताल आरौग्य मैत्री क्यूब AROGYA MAITRI CUBE

चित्र
 आरौग्य मैत्री क्यूब                           आरोग्य मैत्री क्यूब भारत में निर्मित दुनिया का सबसे पहला पोर्टेबल अस्पताल है जीसे आपदा के समय आवस्यक चिकित्सा प्रदान करने के लिए इस्तेमाल में लाया जायेगा।इसे प्रोजेक्ट भीष्म(भारत हेल्थ इनिशिएटिव फाॅर सहयोग हित एंड मैत्री) के तहत स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।"आरोग्य मैत्री क्यूब'' आरोग्य मैत्री परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा या मानवीय संकटों से प्रभावित किसी भी विकासशील देश को आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति प्रदान करना।   आरोग्य मैत्री क्यूब को 72 क्यूब में इकट्ठा किया गया एक पोर्टेबल अस्पताल है जिसे हवाई जहाज के माध्यम से कोई भी प्राकृतिक आपदाओ से ग्रसित स्थान पर आसानी से ले जाया जा सकता है।इन क्यूब में चिकित्सा जनित आवस्यक उपकरण और आपूर्ति होती है, जैसे एक आपरेशन थिएटर, मिनी-आईसीयू, वेंटिलेटर, रक्त परीक्षण उपकरण, एक्स-रे मशीन,पानी, विजली जेनेरेटर शामिल हैं।क्यूब  बॉक्स पर एक क्यूआर कोड है जिसे स्कैन करते ही ये पता किया जा सकता है कि...