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अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण

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  अरनमुला कन्नड़ी दुनिया का सबसे कीमती हस्तनिर्मित धातु दर्पण मानस दर्पण देख, दोष-गुण स्वयं निहारें। अपने को पहचान, आप ही आप सुधारें।। अवधेश कुमार "अवध" दर्पण का इतिहास काफ़ी पुराना है।दर्पण पारंपरिक रूप से कांच का उपयोग करके बनाए जाते हैं, लेकिन वे कांच से भी लंबे समय से मौजूद हैं। पहले साधारण दर्पण लगभग 600 ईसा पूर्व पॉलिश किए गए ओब्सीडियन से बनाए गए थे। मेसोपोटामिया और मिस्र में 4000 से 3000 ईसा पूर्व के आस-पास तांबे को पॉलिश करके शीशे बनाए गए थे। विरूपण मुक्त छवियाँ बनाने के लिए धातु के दर्पण बनाने की कला पुरानी दुनिया के विभिन्न भागों में लंबे समय से प्रचलित है। 1400 ईसा पूर्व तक, टिन में 30 वज़न प्रतिशत तक युक्त कांस्य का उपयोग दर्पण बनाने के लिए किया जाता था।हमारे भारत में भी तांबे-टिन कांस्य को ढालकर और पॉलिश करके धातु के दर्पण बनाने की कला को अच्छी तरह से समझा जाता था और ये दर्पण अपनी स्पष्टता के लिए बहुत लोकप्रिय थे।ऋग्वेद सहित कई पुराणों में धातु के दर्पण का उल्लेख किया गया है। यहां तक ​​कि कजुराहो की नक्काशी...

तैरता हुआ झील लोकटक Loktak Lake world's first floating lake in hindi

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  लोकटक झील Loktak Lake world's first floating lake                                                                     लोकटक झील भारत के मणिपुर राज्य में स्थित है। मणिपुर के विष्णुपुर जिले में स्थित यह झील मणिपुर के पर्यटन क्षेत्र का मुख्य आकर्षण माना जाता है।247 वर्गकिलोमीटर पर फैली हुई यह झील उत्तर-पूर्व भारत की सबसे बड़ी ताजे पानी की झील है।इसे दक्षिण एशिया सबसे बड़ी मीठे पानी की झील भी कहा जाता है।यह पानी का एक सुंदर विस्तार है जो एक लघु अंतर्देशीय समुद्र जैसा दिखता है। दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान लोकटक झील पर ही स्थित है।लोकटक शब्द की उत्पत्ति मणिपुरी भाषा से हुई है, जिसका अर्थ है 'लोक' यानिकी 'धारा' और 'टक' या 'अन्त'।हर साल 15 अक्टूबर को लोकतक झील की परिधि पर लोकटक दिवस मनाया जाता है।    यह अपने ऊपर तैरने वाली फुमदी (विघटन के विभि...

मलय द्वीप कहा स्थित है Malay archipelago, largest group of island

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 मलय द्वीपसमूह Malay archipelago, largest group of island                             मलय द्वीप दक्षिणपूर्वी एशिया की मुख्यभूमि और ऑस्ट्रेलिया के बीच में विस्तृत एक द्वीपसमूह है। हिन्द महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक फैले हुए इस द्वीपसमूह में 25,000 द्वीप हैं। क्षेत्रफल के आधार पर यह दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है।इस द्वीप को ''मलय दुनिया'', "नुसंतारा","ईस्ट इंडीज" के नाम से भी जाना जाता है।इस द्वीपसमूह में ब्रुनेई,पूर्वी तिमोर,इंडोनेशिया, मलेशिया,पापुआ न्यू गिनी,फिलीपींस और सिंगापुर शामिल हैं।     मलय शब्द की उत्पत्ति आस्ट्रौनेशियन लोगों की एक सांस्कृतिक रूप 'मलय जाति' के पुरातन युरोपीय अनुमान से लिया गया था। मलय लोग इस द्वीप की प्रमुख आबादी है। द्वीपों की अर्थव्यवस्था काफी हद तक ग्रामीण और कृषि प्रधान है। अधिकांश ग्रामीण आबादी कृषक हैं, जो आमतौर पर सिंचित चावल उगाते हैं । लेकिन कभी-कभी मक्का, रतालू या कसावा उनकी प्रमुख खाद्य फसल के रूप में उगाते हैं।कभी कभी कुछ कृषकों को कई ...

अशोक काल की बराबर की गुफाएँ oldest surviving rockcut caves barabar

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  बराबर की गुफाएँ oldest surviving rockcut caves barabar                             बाराबर पहाड़ी गुफाएं भारत की सबसे पुरानी जीवित चट्टानों से काटकर बनाई गई गुफाएं हैं,जो प्राचीन बौद्ध कक्ष तीसरी शताब्दी ईस्वी पूर्व के हैं और आजीवक संप्रदाय के उद्गम स्थल के रूप में प्रसिद्ध हैं।यह भारत के बिहार के जहानाबाद जिले के मखदुमपुर क्षेत्र में स्थित हैं।इस जगह पर कभी मगध का साम्राज्य हुआ करता था इसलिए 1100 फुट ऊंचे बराबर और नागार्जुन पर्वतों को मगध का हिमालय भी कहा जाता है।    बराबर गुफाएं बराबर और नागार्जुनी की जुड़वाँ पहाड़ियों में स्थित हैं।इन गुफाओं का उपयोग अजिविका संप्रदाय के तपस्वियों द्वारा किया जाता था, जिसकी स्थापना बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध और जैन धर्म के अंतिम और 24वें तीर्थंकर महावीर के समकालीन मक्खली गोसाला ने की थी । बराबर पहाड़ी में चार गुफाएँ हैं: करण चौपर, लोमस ऋषि, सुदामा और विश्वकर्मा। सुदामा और लोमस ऋषि भारत में रॉक-कट वास्तुकला के सबसे शुरुआती उदाहरण हैं।  करण चौपर गुफा ...

गांधार कला क्या है what is gandhara school of art in hindi

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 गांधार मूर्तिकला का संक्षिप्त परिचय                            गांधार कला एक अनूठी कलात्मक शैली,जो पहली शताब्दी ईसा पूर्व और 7वीं शताब्दी ईस्वी के बीच पाकिस्तान और पूर्वी अफगानिस्तान में विकसित हुई ।गांधार कला अपनी मूर्तियों और नक्काशी के लिए सबसे ज्यादा जानी जाती है, जो बौद्ध के पौराणिक कथाओं और शिक्षाओं के दृश्यों को दर्शाती है।यह विशुद्ध रूप से बौद्ध धर्म से संबंधित धार्मिक प्रस्तर मूर्तिकला शैली है।    भारतीय सम्राट अशोक (तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व ) के शासनकाल के दौरान, गांधार क्षेत्र गहन बौद्ध मिशनरी गतिविधि का स्थल बन गया था।इस क्षेत्र पर कई शताब्दियों तक यूनानियों, मौर्यों, शुंगों, शकों और कुषाणों का क्रमिक शासन रहा।शक और कुषाण दोनों गांधार कला और मूर्तिकला विद्यालय के संरक्षक थे, जिसे मानव रूप में बुद्ध के पहले मूर्तिकला प्रदर्शन के लिए मान्यता प्राप्त है। गांधार स्कूल की कला मुख्यतः महायान थी और ग्रीको-रोमन दबाव को दर्शाती है।गाधांर कला का इतिहास ग्रीको-बौद्ध कला के स्रोत अफगानिस्तान मे...

संगाई महोत्सव की खासियत sangai festival of manipur in hindi

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 संगाई महोत्सव की खासियत   संगाई महोत्सव भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में मणिपुर का एक वार्षिक कार्यक्रम है। महोत्सव की शुरुआत 2010 में हुई थी जो राज्य की संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने के लिए मणिपुर पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित किया जाता है। तब से, यह आम तौर पर सालाना 21 से 30 नवंबर तक मनाया जाने वाला एक वार्षिक उत्सव रहा है।     संगाई महोत्सव का नाम संगाई हिरण नामक मणिपुर की राज्य पशु से प्रेरित है।संगाई हिरण को डांसिंग डियर भी कहा जाता है। इसे मणिपुर के केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान में पाया जाता है।  संगाई महोत्सव मणिपुर की विशिष्टता को प्रदर्शित करने वाला एक महोत्सव है। दरसअल कोई जाती या जनजाति के द्वारा आयोजित महोत्सव उस विशेष जनजाति के कला, संस्कृति,उनके खाने-पीने, रहन-सहन को दर्शाती है।संगाई महोत्सव मणिपुर के संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करते हैं। यह मणिपुर को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने में मदद करता है। महोत्सव का प्रत्येक संस्करण राज्य की कला और संस्कृति, हथकरघा, हस्तशिल्प, स्वदेशी खेल, व्यंजन, संगीत और...

विश्व की सबसे बड़ी कंटेनर क्षमता वाली बंदरगाह world largest Seaport in hindi

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 विश्व की सबसे बड़ी बंदरगाह                                         बंदरगाह किसी बड़े जल निकाय से जुड़ा हुआ ऐसा छोटा जलसमूह होता है जहाँ जलयानों और नावों को बड़े जलनिकाय के खुले पानी से आश्रय मिलता है। यहाँ से लोग व समान इन जल वाहनों से भूमि पर आ-जा सकते हैं। विश्व का सबसे बड़ा बंदरगाह शंघाई बंदरगाह है। यह बंदरगाह यांग्त्ज़ी नदी के मुहाने पर 3,619.6 कि.मी के क्षेत्र में फैली हुई है। यह 18,000 कि.मी लंबी चीनी तटरेखा के मध्य में स्थित है। शंघाई बंदरगाह में दुनिया का सबसे बड़ा गहरे पानी वाला टर्मिनल है, जो 20 किमी लंबा और 20 मीटर ड्राफ्ट है। इसमें 125 डॉक और 19 टर्मिनल हैं।शंघाई बंदरगाह को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था माना जाता है ।   शंघाई बंदरगाह, जो मूल रूप से पांचवीं और सातवीं शताब्दी ईस्वी के बीच शेन या हुडू के रूप में अस्तित्व में था, को 1297 में युआन राजवंश द्वारा आधिकारिक शहर का दर्जा दिया गया था। 1684 में, क्विंग राजव...

इतिहास के शक्तिशाली तमिल चोल साम्राज्य chola empire history in hindi

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 चोल राजवंश का इतिहास                                चोल साम्राज्य की स्थापना 300 ईसापूर्व अर्थात आज से लगभग 2300 साल पहले हुआ था। चोल प्राचीन भारत का एक राजवंश था। चोल साम्राज्य का विस्तार दक्षिण भारत में जो बर्तमान के तमिलनाडु, अन्ध्रप्रदेश, केरल और कर्नाटक तक फैला था।इसके अतिरिक्त तमिल चोल शासकों ने दक्षिण भारत और निकटवर्ती अन्य देशों में 9वीं शताब्दी से 13वीं शताब्दी के बीच एक अत्यंत शक्तिशाली हिंदू साम्राज्य का निर्माण किया था, जिसका विस्तार बांग्लादेश,थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया,सिंगापुर, कम्बोडिया,भियेटनाम तक फैला था। चोलों ने 1500 साल तक शासन किया था।     यूनानी भूगोलवेत्ता टॅलेमी के लेख में भी चोल देश और उसके कस्बों, बंदरगाहों और वाणिज्य के संक्षिप्त संदर्भ है। उन्होंने 130 ईस्वी में 'भारत का भूगोल' लिखा था।चोल साम्राज्य में 20 से अधिक राजाओं ने इतिहास रचा था। इस चोल वंश का संस्थापक विजयालय (850-870-71 ई.) पल्लव अधीनता में उरैयुर प्रदेश का शासक था। विजयालय की वंशप...

असम का जातीय उत्सव काति बिहू kati bihu festival

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 असम का जातीय उत्सव काति बिहू                              काति बिहू या कंगाली बिहू असम के जातीय उत्सव है। काति बिहू अश्विन और कार्तिक मास के संक्रांति के दिन मनाया जाता है।असम में तीन तरह के बिहू उत्सव मनाया जाता है- रंगाली बिहू, भोगाली बिहू, कंगाली बिहू।रंगाली बिहू और भोगाली बिहू बहुत धुमधाम से मनाया जाता है। जबकि कंगाली बिहू साधारण तरिके से मनाया जाता है। कंगाली बिहू एकदिन में ही समाप्त हो जाता है। लेकिन रंगाली बिहू और भोगाली बिहू की उत्साह कई हफ्तो तक दिखाई देता है।  कंगाली बिहू असमीया लोगों की और असमीया किसानों की अभाव को दर्शाता है।दरअसल इस समय के दौरान असमीया किसान आर्थिक अभाव में रहता है, क्योंकि उनके पास इस समय फसल की कमी होती है। किसानों की भंडारगृह इस समय खाली हो जाती है। काति बिहू के समय खेत में किसानों की नई फसल उग जाती है,इसलिए काति बिहू असमीया किसानों और लोगों के मन में एक नयी उम्मीद जगाती है।  काति बिहू के दिन शाम के समय किसान लक्ष्मी माता को प्रनाम करके खेत में दिया जलाते हैं ...

सरहुल त्योहार कहा और कैसे मनाया जाता है what is sarhul festival hindi

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 सरहुल त्योहार कहा और कैसे मनाया जाता है  सरहुल पर्व झारखंड के आदिवासी समुह उरांव,संथाल,मुन्डा द्वारा मनाया जाने वाला एक उत्सव है।सरहुल प्रकृति पुजा है, जो प्रकृति के उपासक माना जाने वाली आदिवासियों द्वारा किया जाता है।सरहुल का शाब्दिक अर्थ साल वृक्ष की पूजा है। सरहुल को प्रकृति की पूजा के रूप में भी पुनः परिभाषित किया जा सकता है जिसमें स्थानीय लोग भगवान राम की पत्नी सीता को 'धरतीमाता' के रूप में पूजते हैं। वे साल वृक्ष की भी पूजा करते हैं, जिसे देवी सरना का निवास माना जाता है जो गांव को सभी प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से बचाती है।                            सरहुल पर्व के दौरान हर वर्ष आदिवासी लोंग प्रकृति को उद्देश्य करके यह प्रार्थना करता है कि फसल अच्छी हो।यह उत्सव अच्छी फसल के लिए प्रार्थना करने के साथ साथ मौसम की भविष्यवाणी करने के लिए भी जाना जाता है।इस पर्व के जरिये आदिवासी यह पहले से ही जान लेते हैं कि, उस वर्ष फसल के लिए मौसम कैसी रहेगी।  सरहुल पर्व में आदिवासियों द्वारा सरना स्थलों ...

विश्व की द्वीतीय सबसे बड़ी हिन्दू मन्दिर 2nd largest hindu tample of world in hindi

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 विश्व की द्वीतीय सबसे बड़ी हिन्दू मन्दिर                                                    संयुक्त राज्य अमेरिका (यू एस) में निर्मित स्वामी नारायण अक्षरधाम मंन्दिर विश्व की दुसरी सबसे बड़ी हिन्दू मंदिर है। अमेरिका के न्यूजर्सी में 185 एकर भुमि में निर्मित यह मंदिर,भगवान स्वामी नारायण को समर्पित है।मंदिर का निर्माण प्राचीन वेदों या हिंदू धर्मग्रंथों में उल्लिखित दिशानिर्देशों के अनुसार किया गया है। इस भव्य मन्दिर के निर्माण में 12 साल का समय लगा है।12, 500 लोगों ने इस मंदिर के निर्माण में दिन रात अपना श्रमदान किया है।यह मंन्दिर न्युयॉर्क से करीब 96 कि.मी दक्षिण में और वाशिंगटन डीसी के लगभग 290 कि.मी उत्तर दिशा में स्थित है।यह मंन्दिर 255 फीट लंबा,345 फीट चौड़ा और 191 फीट ऊंचा है ।  अक्षरधाम मंन्दिर के परिसर में मुख्य मंदिर के अलावा 12 उप मंन्दिर है।मंन्दिर में 9 शिखर और 9 पिरामिडनुमा शिखर है। मंन्दिर के दिवारों पर भारतीय सभ्यता का कलात्मक झलक दिखाई...

भारत का धनुष पुरूष भील bhil ethnic groups hindi

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 भारत का धनुष पुरूष भील                               प्राचीन काल से ही भारत अनेक जनजातिय समूहों का संगम स्थल रहा है।जनजाति अर्थात किसी एक सामान्य क्षेत्र में निवास करने वाले समूह, जीसकी अपनी एक भाषा और संस्कृति होती है।जनजाति समूह सभ्य समाज से दूर वनों एवं पहाड़ीयों में दुरस्त स्थानों में निवास करते हैं।भील जनजाति भारत के जनजातियों समूहों में से एक है, जो सबसे प्राचीन है।भील जनजाति के लोग भारत के मध्यप्रदेश, गुजरात,छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और राजस्थान में निवास करते हैं।भील जनजाति भारत समेत पाकिस्तान तक विस्तृत रूप से फैली हुई है। प्राचीन समय में भील जनजाति का शासन शिवी जनपद में स्थापित था,जिसे वर्तमान में मेवाड़ कहते है।   भील शब्द की उत्पत्ति "वील" से हुई है जिसका द्रविड़ भाषा में अर्थ होता हैं "धनुष"।भील जनजाति को "भारत का धनुष पुरुष " कहा जाता है क्योंकि ये धनुष विद्या में बहुत माहिर होते हैं।2011 की जनगणना के अनुसार भील भारत का सबसे बड़ा आदिवासी समूह है। वे भारत की कुल अनुसूचित जनजातीय...

हामास इजराइल विवाद hamas Israel war hindi

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 हमास इजराइल विवाद                              हमास एक इस्लामीक कट्टरपंथी आतंकवादी समूह है जिसकी स्थापना प्रथम फिलिस्तीनी इंतिफादा (विद्रोह)के दौरान गाजा में रहने वाले फिलिस्तीनी शरणार्थी शेख अहमद यासीन ने की थी।इस आतंकवादी समुह का मुख्य उद्धेश्य इजराइली प्रशासन के स्थान पर इस्लामिक शासन की स्थापना करनी थी। हमास की स्थापना फिलिस्तीन को मुक्त करने के लिए 1987 में हुई थी, जिसमें आधुनिक इजरायल भी शामिल था। हमास की ताकत गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक के इलाकों में केंद्रित है।यह संगठन पीएलओ और इज़राइल के बीच किए गए सभी समझौतों को खारिज करता है।  हमास की एक सैन्य शाखा है जिसे इज़ अल-दीन अल-क़सम ब्रिगेड के नाम से जाना जाता है जिसने 1990 के दशक से इज़राइल और फिलिस्तीनी क्षेत्रों में कई इज़राइल विरोधी हमले किए हैं। इन हमलों में इज़रायली नागरिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर बमबारी, छोटे हथियारों से हमले, तात्कालिक सड़क किनारे विस्फोटक और रॉकेट हमले शामिल हैं। हमास ने 2006 के संसदीय चुनाव में जीत हासिल की और 2007 में हिंस...

हर्नबिल महोत्सव की खासियत Hornbill festival nagaland hindi

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 हर्नविल महोत्सव                           हर्नविल महोत्सव भारत के पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड में मनाया जाता है।इस महोत्सव को हर साल 1 से 10 दिसम्बर के बीच नागालैंड के किसामा गाँव में मनाया जाता है।यह महोत्सव नागालैंड की सबसे बड़े महोत्सव है,जो पुरे दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं‌।नागालैंड राज्य पर्यटन, कला और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस महोत्सव की शुरुआत सन् 2000 से हुई थी।इस महोत्सव की मुख्य उद्देश्य नागालैंड की सभी जनजातियों की एकता को दर्शाना,नागालैंड के पर्यटन को बढ़ावा देना और नागा विरासत की समृद्धि और विशालता को रक्षा करना।         उत्सव के दौरान नागालैंड के सभी जनजातियां अपने पारंपरिक नृत्य, खेल,नागा कुस्ती,जड़ीबूटीया और युद्धकला का प्रदर्शन करते हैं।उत्सव में लोक शल्पी के द्वारा परंपरागत कला जिसमें पेंटिंग्स, लकड़ी की नक्काशी और मूर्तियां शामिल हैं, वो भी प्रदर्शित की जाती है। महोत्सव की मुख्य विशेषताएं पारंपरिक नागा मोरंग्स प्रदर्शनी और कला और शिल्प, खाद्य स्टालों,...

अमेज़न नदी का रहस्य Amazon nadi ka rahasya

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 अमेज़न नदी का रहस्य                                     भूमध्यरेखीय प्रदेश पर स्थित अमेज़न नदी दक्षिण अमेरिका की आठ देशों में फैली हुई है। ब्राज़ील, बोलीविया, पेरू, इक्वाडोर, कोलंबिया, वेनेज़ुएला, गुयाना और सूरीनाम के अलावा फ्रेंच गुयाना तक अमेज़न की धारा बहती है। अमेज़न नदी में बहुत सारी सहायक नदियाँ मिलकर अमेज़न बेसिन का निर्माण करती हैं। यह नदी बेसिन ब्राजील के भागों, पेरू के कुछ भागों, बोलीविया, इक्वाडोर, कोलंबिया तथा वेनेजुएला के छोटे भाग से अपवाहित होती है।अमेज़न बेसिन विश्व का सबसे बड़ा नदी बेसिन है। अमेज़न नदी के नाम के पिछे एक कहानी है।जब स्पेन के अन्वेषकों ने इस नदी की खोज की तब सिर पर सुरक्षा कवच (हेडगियर) एवं घास के स्कर्ट पहने कुछ स्थानीय आदिवासियों ने उन पर आक्रमण किया। इन आक्रमणकारियों ने उन्हें प्राचीन रोमन साम्राज्य के अमेज़ोंस नामक महिला योद्धाओं के आक्रामक समूह की याद दिला दी। इस प्रकार यहाँ का नाम अमेज़न पड़ा। अमेज़न का मौसम दिन एवं रात दोनों ही समय लगभग समान रूप से...

याक चुरपी Yak churpi in hindi

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 अरूणाचल प्रदेश के याक चुरपी को मिला जीआई टैग                             भारत के उत्तरपूर्वी राज्य अरूणाचल भौगोलिक दृष्टि से उत्तरपूर्व की सबसे बड़े राज्य है।अरूणाचल का अर्थ है, "उगते सूर्य का पर्वत", जिससे अरूणाचल प्रदेश को उगते सूरज की भुमि भी कहा जाता है।प्रदेश की सीमाएँ दक्षिण में असम,दक्षिणपूर्व में नागालैंड,पूर्व में बर्मा/म्यांमार,पश्चिम में भूटान और उत्तर में तिब्बत से मिलती हैं। ईटानगर राज्य की राजधानी है। प्रदेश की बोलचाल की मुख्य भाषा हिन्दी है।पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों की तरह इस प्रदेश के लोग भी तिब्बती-बर्मी मूल के हैं।चावल अरुणाचल प्रदेश के लोगों का प्रमुख भोजन है। यहां के मूल निवासी एक विशेष स्वाद देने के लिए अपने चावल को गर्म कोयलों के ऊपर रखे हुए एक खोखले बांस में पकाना पसंद करते हैं।     अरुणाचल प्रदेश में याक की दुध से बनी चुरपी ने‌ प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेत का दर्जा हासिल की है।अरूणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग और तवांग जिले में पाई जाने वाली एक अनोखी याक के नस्ल से तैयार की...

विश्व मुस्कान दिवस खुशी की एहसासWorld Smile day in hindi

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 विश्व मुस्कान दिवस 2023 world smile day                                र साल अक्टूबर महिने के पहले शुक्रवार को विश्व मुस्कान दिवस (World Smile Day) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है। इस बार विश्व मुस्कान दिवस (World Smile Day) 6 अक्टूबर 2023 को मनाया जा रहा है।विश्व मुस्कान दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों की जिंदगी में मुस्कुराहट के महत्व को समझाना है।विश्व मुस्कान दिवस एक संकेत है, जो लोगों को दयालुता का कार्य करने और एक दुसरे के जिन्दगी में खुशियाँ भरने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।   विश्व मुस्कान दिवस की शुरुआत वाॅर्सेस्टर, मैसाचुसेट्स के हार्वे बाॅल नामक एक ग्राफिक कलाकार ने किया था।वह एक स्माइली चेहरे का प्रतीक बनाने वाले कलाकार थे। उन्होंने सन् 1963 में स्माइली इमोजी का उपयोग करके इसे पुरे दुनिया में लोकप्रिय बनाया था।हर्वे इन्सान की मुस्कुराहट को बरकरार रखना चाहता था।उनकी रचना की दुनियाभर मे सराहना की गई।लोग स्माइली इमोजी को देखकर खुद भी हसना सीख गये।ये स्माइली इमोजी लोगों क...

अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव गुजरात international kite festival hindi

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 अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव international kite festival                          गुजरात में हर साल मकर संक्रांति के दिन पतंग महोत्सव का आयोजन किया जाता है।इसे उत्तरायण पर्व भी कहा जाता है।यह दिन हिन्दू धर्म के लिए बहुत पवित्र माना जाता है और यह भगवान् सूर्य को समर्पित है।पतंग उड़ाना देवताओं को धन्यवाद देने का एक तरीका है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि देवता छह महीने की अवधि के बाद मकर संक्रांति के दिन जागते है। गुजरात में अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव को राज्य के सबसे भव्य त्योहारों में से एक माना जाता है। राज्य में सालाना 200 त्यौहार मनाए जाते हैं, और पतंग उत्सव या उत्तरायण, मनाए जाने वाले सबसे अद्भुत त्योहारों में से एक है।पतंग युद्ध या मैत्रीपूर्ण पतंग उड़ाना इस त्योहार की प्रमुख आकर्षण है।मकर संक्रांति के अवसर पर मनाया जाने वाला यह उत्सव हर साल लगभग आठ दिनों तक चलता है।गुजरात में पतंग महोत्सव की शुरुआत 1989 से हुई थी। पतंग महोत्सव की तैयारियां उत्सव से पहले से ही शुरू हो जाते हैं।रसोई में स्वादिष्ट गुजराती व्यं...

विश्व की सबसे लंबी रेलमार्ग ट्रांससाइबेरियन Trans-Siberian Railway

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ट्रांससाइबेरियन रेलमार्ग विश्व में सबसे लंबा रेलमार्ग                             ट्रांससाइबेरियन रेलमार्ग विश्व में सबसे लंबा रेलमार्ग है, जो पश्चिमी रूस में सेंट पीटर्सबर्ग से प्रशांत महासागरीय तट पर स्थित व्लादिवोस्टक तक जाता है।यह दुनिया की सबसे लंबी एकल रेल प्रणाली है जो 5,771 मील(9,288 कि.मी) तक फैली हुई है।ट्रांससाइबेरियन रेलमार्ग की मुख्य ट्रेक की लंबाई आठ समय क्षेत्रों में फैली हुई है।इसमें सात दिनों का यात्रा समय शामिल हैं।मार्ग के मुख्य जंक्शन हैं: यारोस्लावस्की वोक्झल, चेल्याबिंस्क, ओम्स्क, नोवोसिबिर्स्क, इर्कुत्स्क, क्रास्नोयार्स्क, उलान-उडे, चिता, खाबरोवस्क, और व्लादिवोस्तोक।इस रेलमार्ग को रूस के शाही ज़माने में सन् 1891-1916 के काल में बनाया गया था।   ट्रांससाइबेरियन रेलमार्ग की एक द्वितीयक मार्ग उलान-उडे पर निकलता है।पूर्व की ओर जाने वाली रेलों के लिए, यह दक्षिण में मंगोलिया की राजधानी उलान बातर और आगे चीन की ओर जाते हैं।इस मार्ग को ट्रांस-मंगोलियाई रेलमार्ग के नाम से भी जाना ज...

धन निष्कासन सिद्धांत drain of wealth theory hindi

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 धन निष्कासन सिद्धांत                                धन निष्कासन सिद्धांत पर्याप्त आर्थिक, वाणिज्यिक और भौतिक लाभ के बिना, भारत से इंग्लैंड तक चल रही राष्ट्रीय संम्पति के हस्तांतरण से संदर्भित है।भारत में ब्रिटिश शासन के समय, भारतीय उत्पाद का वह हिस्सा जो जनता के उपभोग के लिये उपलब्ध नहीं था तथा राजनीतिक कारणों से जिसका प्रवाह इंग्लैण्ड की ओर हो रहा था, जिसके बदले में भारत को कुछ नहीं प्राप्त होता था, उसे आर्थिक निकास या धन-निष्कासन (Drain of Wealth) की संज्ञा दी गयी है।दादाभाई नौराजी ने 1871 में प्रकाशित अपनी पुस्तक "पावर्टी एंड अन ब्रिटिश रुल इन इंडिया" में इस मुद्दे को सर्वप्रथम संबोधित किया था।दादाभाई नौराजी ने भारत के संसाधन और धन को निकालने के लिए अंग्रेज़ों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली प्रणाली को "द इकोनॉमिक ड्रेन" कहा है।  धन निष्कासन की समस्या प्लासी के युद्ध के पश्चात प्रारम्भ हुई थी।प्लासी के लड़ाई से पहले ईस्ट इंडिया कंपनी भारतीय आयात के मुकाबले अपने निर्यात को संतुलित करने के लिए ...

स्टेलर समुद्री शेर steller sea lion hindi

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 स्टेलर समुद्री शेर                                                              समुद्री शेर वालरस और सील से संबंधित है। यह मैमलिया वर्ग के ओटराइडी परिवार के है।यह समुद्री स्तनधारी है, जिन्हें 'पिन्नीपेड्स' कहाँ जाता है।समुद्री शेर (बाएं) भूरे रंग के होते हैं, जोर से भौंकते हैं, अपने बड़े फ्लिपर्स का उपयोग करके जमीन पर "चलते" हैं और उनके कान के फड़कने दिखाई देते हैं। सीलों के पंख छोटे-छोटे होते हैं, वे ज़मीन पर अपने पेट के बल झूलते हैं और कान के फड़कने का अभाव होता है। समुद्री शेरों की पाँच प्रजातियों में छह मौजूदा और एक विलुप्त प्रजातियाँ (जापानी समुद्री शेर) हैं । उनकी सीमा उत्तरी और दक्षिणी दोनों गोलार्धों में उप-आर्कटिक से लेकर वैश्विक महासागर के उष्णकटिबंधीय जल तक फैली हुई है। इनका औसत जीवनकाल 20-30 वर्ष होता है।एक नर कैलिफ़ोर्निया समुद्री शेर का वजन औसतन 300 किलोग्राम (660 पाउंड) और लंबाई लगभग 2.4 मीटर (8 फीट) होती है, जबकि...